बॉलिवुड ऐक्ट्रेस कंगना रनौत ( ), अरविन्द स्वामी ( Arvind Swami ), फिल्म रोजा फेम मधू शाह ( Film Roja Actress Madhoo), भाग्यश्री ( Bhagyashree )और प्रकाश राज ( Prakash Raj ) स्टारर दिवंगत नेता जयललिता ( Jayalalithaa ) की बायॉपिक '' ( Thalaivi ) की शूटिंग लॉकडाउन के बाद फिर से शुरू हो गई है। इन दिनों फिल्म की शूटिंग हैदराबाद में की जा रही है। जयललिता की बायॉपिक में एक बेहद अहम भूमिका एमजीआर की वाइफ जानकी रामचंद्रन की है। शाह ने नवभारतटाइम्स डॉट कॉम के फेसबुक लाइव के दौरान हुई Exclusive बातचीत में 'थलाइवी' के ऐसे सीन का जिक्र किया, जिससे जयललिता की जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। फिल्म की कहानी में सबसे अहम रोल जानकी के फैसले के बाद आता है। एमजीआर के निधन के बाद तमिलनाडु के चीफ मिनिस्टर की कुर्सी पर उनकी वाइफ जानकी संभालती हैं, लेकिन कुछ समय बाद ही जानकी को यह अहसास होता है कि मुख्यमंत्री की असली कुर्सी की हकदार वह नहीं, बल्कि जयललिता हैं। थलाइवी की कहानी में बड़ा ट्विस्ट लाता है मेरा रोल मधू बताती हैं, 'मैं पहली बार किसी की बायॉपिक कर रही हूं, वह भी ऐसी किसी व्यक्ति की, जो बहुत फेमस रही हैं। फिल्म थलाइवी में जानकी अम्मा और जयललिता अम्मा के बहुत कम सीन एक साथ है। यह फिल्म मुख्य रूप से जयललिता और एमजीआर के रिश्ते और पॉलिटिकल करियर पर बेस्ड है। फिल्म में का किरदार निभा रही हैं और एमजीआर की भूमिका में अरविन्द स्वामी हैं। मेरे किरदार के बारे में आपको पता है कि मैं एमजीआर की वाइफ जानकी रामचंद्रन का रोल प्ले कर रही हूं और ऐक्ट्रेस भाग्यश्री, जयललिता की मां के रोल में हैं। फिल्म में मेरे रोल में फोकस नहीं है, लेकिन यह बहुत ही महत्वपूर्ण किरदार है, जो फिल्म की कहानी को एक अलग ट्विस्ट देता है।' जयललिता और जानकी के बीच तू-तू, मैं-मैं नहीं वाली बात नहीं थी जयललिता और जानकी अम्मा के आपसी रिश्ते पर बात करते हुए मधू बताती हैं, 'जानकी और जयाललिता अम्मा के बीच दोस्ती तो बिल्कुल भी नहीं थी, लेकिन तू-तू, मैं-मैं नहीं था। आपसी रिस्पेक्ट थी, एक डिग्निटी और डिस्टेंस था आपस में। दोनों ( जानकी और जयललिता ) ही जानते थे कि उनकी एमजीआर की लाइफ में क्या अहमियत थी और यह समझ कर वह अपना डिस्टेंस रखती थीं। फिल्म में एक सीन है, जो मेरे किरदार और कंगना रनौत के ( जयललिता ) बीच शूट हुआ है। इस सीन में उनके बीच रिश्ते में रिस्पेक्ट साफ तौर पर दिखाई देता है।' एमजीआर के निधन के बाद चीफ मिनिस्टर बनीं थीं जानकी 'जयललिता के पहली बार तमिलनाडु की चीफ मिनिस्टर बनने के महत्वपूर्ण सीन के बारे में मधू बताती हैं, 'एमजीआर सर के निधन ने बाद जानकी अम्मा तमिलनाडु की मुख्यमंत्री ( Chief Minister ) बन गई थीं, कुछ समय के बाद वह रियलाइज करती हैं कि उनको मुख्यमंत्री नहीं बनना था। तब वह जयललिता के पास जाने का निर्णय लेती हैं।' मुख्यमंत्री की कुर्सी पर जयललिता को बैठाया था जानकी ने 'जानकी उनके पास जाकर कहती हैं कि मुख्यमंत्री पद और इस कुर्सी की सच्ची हकदार आप ही हैं, इस कुर्सी और पद में मेरा हक नहीं है... ऐसा कहकर जानकी अम्मा चीफ मिनिस्टर की कुर्सी पर जयललिता को पहली बार खुद बैठाती हैं। यह फिल्म का बहुत ही इमोशनल और महत्वपूर्ण सीन है। इस सीन के पहले फिल्म में कहीं भी वह एक-दूसरे को आंख में आंख डालकर भी नहीं देखती हैं। कुर्सी सौंपने के लॉजिकल रीजन के साथ पहली बार दोनों आमने-सामने होती हैं।' 30 साल बाद भी वही कम्फर्टज़ोन था अरविन्द के साथ अरविन्द स्वामी के साथ लंबे समय बाद स्क्रीन शेयर कर रहीं मधू कहती हैं, 'फिल्म रोजा के बाद अरविन्द स्वामी के साथ मैं लगभग 30 साल बाद काम कर रही हूं। इन 30 सालों में हमने कभी साथ काम नहीं किया, लेकिन मेल-मुलाकात होती रही है, टच में रहे हैं, कभी किसी कॉमन फ्रेंड के घर के फंक्शन में या अवॉर्ड फंक्शन में। हमने फिल्म थलाइवी की शूटिंग ठीक उसी कम्फ़र्ट जोन के साथ की, जो 30 साल पहले फिल्म रोजा की शूटिंग के दौरान था।'
from Entertainment News in Hindi, Latest Bollywood Movies News, मनोरंजन न्यूज़, बॉलीवुड मूवी न्यूज़ | Navbharat Times https://ift.tt/3lQgYiw
via IFTTT

No comments:
Post a Comment