बॉलिवुड और टीवी अभिनेता ने नवभारतटाइम्स डॉट कॉम के साथ हुई खास बातचीत में अपनी सफलता और फेलियर को लेकर दिल खोलकर बात की। रोहित ने अपने फिल्मी करियर में खुद की उन गलतियों को उजागर किया, जिनकी वजह से वह सुपरस्टार को हिला नहीं सके। रोहित की मानें तो वह पहले ही सीरियल के बाद मिली शानदार सफलता के नशे में इस कदर मदहोश हो गए कि कभी भी अपनी ऐक्टिंग स्किल और काम चुनने पर ध्यान नहीं दिया। मैंने अपनी शोहरत को गंभीरता से नहीं लिया नवभारतटाइम्स डॉट कॉम से हुई बातचीत में रोहित ने अपने दिल का हाल खोल कर रख दिया और बताया, '27 साल की मेरी इस फिल्मी करियर की जर्नी को बहुत कम शब्दों में पिरोना मुश्किल है। मुझे बहुत ही कम समय में प्रसिद्धि मिल गई थी। मेरे पहले सीरियल स्वाभिमान में ऋषभ मल्होत्रा का रोल फिल्म शोले के गब्बर सिंह की तरह पॉप्युलर हो गया था। ऋषभ जैसा किरदार टीवी पर पहले कभी आया ही नहीं था। यह जो स्टारडम मुझे मिला, मैंने उसे बहुत लाइट लिया। मैंने कभी भी उस नेम-फेम को गंभीरता से नहीं लिया। लापरवाह और केयरलेस हो गया था, कोई प्लानिंग नहीं थी मैंने खुद के करियर के साथ बड़ी लापरवाही की, कोई प्लानिंग नहीं की। यह सोचा ही नहीं कि कौन से काम के बाद कौन सी फिल्म या सीरियल करना चाहिए। मैं उस समय टेलीविजन पर जो भी करता था, वह चमकता था, यानी हिट हो जाता था। कहीं न कहीं मैंने अपने करियर को बहुत ही केयरलेस के साथ हैंडल किया, अपने काम पर गंभीरता से कभी ध्यान ही नहीं दिया। जो भी करता लोग पसंद करते तो मुझे लगता कि सब सही जा रहा है। ओवरनाइट इतनी चकाचौंध देख दिमाग खराब हो गया था मेरा मैं अहमदाबाद जैसे छोटे शहर से आया था... ओवरनाइट इतनी ज्यादा चकाचौंध और सक्सेस ( Name And Fame ) देखकर कहीं न कहीं मेरा दिमाग खराब हो गया था। आज कह सकता हूं कि दिमाग इतना ज्यादा खराब हुआ कि मैंने अपनी ऐक्टिंग क्राफ्ट पर भी कभी फोकस नहीं किया। यह जो चीजें मेरे साथ हुईं, इसमें किसी भी बाहर वाले की कोई गलती नहीं है, सारी गलती मेरी है। मेरे बारे में लोग कहते थे, यह लड़का शाहरुख खान को हिला देगा अगर आज मैं भगवान से यह शिकायत करूं कि इतना अच्छा ब्रेक देने के बाद करियर में कुछ हुआ ही नहीं तो गलत होगा, सारी मिस्टेक्स मेरी अपनी है। लोग मेरे बारे में कहते थे कि यह लड़का शाहरुख खान को हिला देगा। यह उस समय की बात है, जब 1992 में शाहरुख खान की फिल्म दीवाना आई थी। खैर शाहरुख को तो हिलाने की बात सच नहीं हो पाई, आज शाहरुख भाई तो वही हैं और मैं तो अभी भी लगा हूं। अब नए ऐक्टर्स को कहता हूं यह मत समझना कि तुम स्टार बन गए हो अगर मैंने अपने आप को ठीक से हैंडल किया होता तो बात कुछ और होती। आजकल जब भी मैं किसी नए ऐक्टर्स से मिलता हूं तो उनको कहता हूं कि अपने एक सीरियल के हिट होने से यह मत समझना कि तुम स्टार बन गए हो, स्टार वह सीरियल है, तुम्हारे किरदार से बड़ा है सीरियल, यह अच्छी बात है कि तुमने अपना किरदार अच्छी तरह निभाया है, जैसे ही सीरियल बंद होगा लोग उसे भूल जाएंगे। शाहरुख खान नहीं बन पाया, लेकिन ... मेरी खुशकिस्मती है कि मेरा 25 साल पहले का निभाया किरदार आज भी लोगों को याद है, जिसकी वजह से मुझे आज भी काम मिल रहा है। मैं आज भी कई बड़ी फिल्में कर रहा हूं। टेलीविजन पर स्टारिंग शो कर रहा हूं, वेब सीरीज में लीडिंग रोल कर रहा हूं। यह और बात है कि मैं शाहरुख खान नहीं बन पाया, लेकिन अब जो भी बना हूं या बनने की कोशिश कर रहा हूं, उसे अब शिद्द्त से कर रहा हूं। मेरा कोई मेंटर-गॉड फादर नहीं था, जो मुझे सलाह देता मुझे बड़ी खुशी है कि आपने यह सवाल पूछा, अक्सर लोग इस तरह का सवाल पूछने से कतराते हैं। उस जमाने में कोई मेरा मेंटर नहीं था, कोई गॉड फादर नहीं था, किसी ने मुझे समझाने की कोशिश नहीं की, हालांकि मेरे भाई साहब थे, लेकिन वह अपने करियर में इतने ज्यादा मशरूफ थे कि उन्होंने भी कभी भी मुझे कोई सलाह देना ठीक नहीं समझा। भाई रोनित रॉय नहीं चाहते थे कि मैं ऐक्टर बनूं मेरे भाई रोनित रॉय तो चाहते ही नहीं थे कि मैं ऐक्टर बनूं। वैसे अगर इन सब बातों को देखा जाए तो आज जहां भी हूं खुश हूं, कॉन्फिडेंट हूं, आज मुझे पता है कि ऐक्टिंग कैसे की जाती है, किस किरदार को अलग-अलग ढंग से निभाया जाता है, शायद इसी वजह से जितने अवॉर्ड मुझे बीते 10 सालों में मिले, उतने पहले कभी भी नहीं मिले।
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